शीतला अष्टमी 2026: पूजा विधि, बसोड़ा परंपरा, कथा, महत्व और नियम
शीतला अष्टमी: पूजा विधि, बसोड़ा परंपरा, कथा और धार्मिक महत्व भारत विविध धार्मिक परंपराओं और त्योहारों का देश है। यहां वर्ष भर अनेक व्रत और पर्व मनाए जाते हैं, जिनका गहरा आध्यात्मिक और सामाजिक महत्व होता है। इन्हीं महत्वपूर्ण पर्वों में से एक है शीतला अष्टमी, जिसे कई स्थानों पर बसोड़ा, बसियौरा या बसोड़ा अष्टमी भी कहा जाता है। यह पर्व मुख्य रूप से शीतला माता की पूजा के लिए समर्पित है। हिंदू धर्म में शीतला माता को रोगों से रक्षा करने वाली देवी माना जाता है। मान्यता है कि जो भक्त श्रद्धा और भक्ति से शीतला माता की पूजा करते हैं, उनके घर में स्वास्थ्य, सुख और शांति बनी रहती है। ग्रामीण भारत से लेकर बड़े शहरों तक इस पर्व को बहुत श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। शीतला अष्टमी कब मनाई जाती है शीतला अष्टमी का पर्व होली के बाद आने वाली कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। कई क्षेत्रों में यह पर्व चैत्र कृष्ण अष्टमी को मनाया जाता है। भारत के अलग-अलग राज्यों में इस पर्व को मनाने की तिथि में थोड़ा अंतर हो सकता है, लेकिन इसका उद्देश्य और धार्मिक महत्व एक ही रहता है। विशेष रूप से यह पर्व उत्तर...